Tuesday, May 28, 2024
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हिट एंड रन कानून की वजह से बस ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल खत्म ! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला |

10 दिन से देश में चल रहे ट्रक बस ड्राइवर को की हड़ताल अब खत्म हो गई है कल रात केंद्र और मोटर व्हीकल एसोसिएशंस से बात की बात सुलह हो गई

हिट एंड रन केस के नए कानून की वजह से 15 से ज्यादा राज्यों में बस ट्रक ड्राइवर सड़कों पर उतर आए और उन्होंने सीधी केंद्र सरकार को चेतावनी दी इस कानून को जल्द से जल्द वापस लिया जाए मगर मामला गंभीर होते हुए केंद्र सरकार ने बड़ी बैठक बुलाई और इस मामले को अभी रोक लगा दी गई है !

हिट एंड रन कानून अभी लागू नहीं हुआ

केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा भारत सरकार द्वारा आईपीसी धारा 106 (2) में 10 साल की सजा और 7 लख रुपए का जुर्माना जो प्रावधान किया है वह चालक वाहनों की चिंता का विषय है अब यह कानून लागू नहीं होगा जब इस कानून को लागू किया जाएगा तो उससे पहले ऑल इंडिया मोटर व्हीकल बैठक में राय ली जाएगी उसके बाद लागू किया जाएगा!

वहीं पर अजय भल्ला ने सभी ट्रक ड्राइवर को अपने काम पर लौटने की अपील की है यह कानून अभी पास नहीं होगा आप अपने-अपने काम पर लौटे ! गृह सचिव ने सभी बस ट्रक ड्राइवर को आश्वासन दिया है जब इस कानों को कानून को लागू किया जाएगा सभी से समीक्षा की जाएगी वहीं पर राजस्थान मध्य प्रदेश हरियाणा दिल्ली पंजाब के ड्राइवर में हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया है

देश में फल- सब्जी और पेट्रोल डीजल की किल्लत ?

ट्रक ड्राइवर की हड़ताल की वजह से मंडियों में फल सब्जी की आवक कम हुई और बात करें 50 फीसदी भी माल मंडियों में नहीं पहुंचा जिसकी वजह से फल सब्जियों के भाव बढ़ने लगे और पेट्रोल डीजल खत्म हो गया इस प्रकार की अफवाहें फैला दी गई जिससे कि पेट्रोल डीजलों के पंपों पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ !

हिट एंड रन कानून में क्या बदलाव हुआ है या नहीं?

हिट एंड रन कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता के मामलों में लापरवाही से मौत विशेष प्रावधान किए गए हैं इसके चालक अपनी गाड़ी को तेज लापरवाही से चलने की वजह से मौत होती थी और ट्रक ड्राइवर पुलिस या फिर अपने मजिस्ट्रेट को सूचना नहीं देते सूचना नहीं देता और बिना बताए भाग जाता था जिसकी वजह से 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया !

हिट एंड रन कानून से पहले क्या कानून था?

आईपीसी धारा 279 और लापरवाही से वाहन चलाना या ड्राइवर की पहचान के बाद 304ए अर्थात लापरवाही से मौत या फिर 338 जान जोखिम में डालना के तहत दर्ज किया जाता था और इसमें 2 साल की सजा का प्रावधान था और वाहन चालक दुर्घटना स्थल से भाग जाते थे साथी में उनकी जमानत हो जाती थी!

आखिरकार ड्राइवर की चिंता क्या थी हड़ताल करने की वजह?

सारी व्हीकल ड्राइवर की चिंता थी कि हमारी गाड़ी से कोई व्यक्ति दुर्घटना हो जाता तो हमें तो भीड़ का सामना करना पड़ सकता था या फिर भीड़ उग्र होने पर हमको जान से करने का भी खतरा रहता था भीड़ से बचने के लिए 2 साल की जगह 10 साल जेल काटना पड़ेगा!

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